अब तक भारतीय क्रिकेट का सबसे बेहतरीन लम्हा कौन-सा रहा है? अगर ये सवाल आज की पीढ़ी के सामने रखा जाए, तो संभवत: उनका जवाब होगा 1983 विश्व कप और 2011 का विश्व कप.
ज्यादातर लोग गहराई में नहीं जाएंगे और वास्तव में ये नहीं ढूंढ पाएंगे कि भारतीय क्रिकेट का असली टर्निंग प्वाइंट क्या था? वो लम्हा 1971 में गर्मियों से बहुत पहले आया था, जब भारत ने वो हासिल किया था, जिसकी कोई कल्पना ही नहीं थी. भारत ने एक नहीं, बल्कि बाहर की धरती पर दो–दो टेस्ट सीरीज एक ही साल में जीत ली थी, ऐसा पहली बार हुआ था. और ये हुआ था वेस्टइंडीज और इंग्लैंड की धरती पर.
ये वो वक्त था, जब हम विदेशों में एक टेस्ट मैच जीतने का सपना देखते थे. लेकिन वो एक ऐसा समय था, जब घर में या बाहर एक टेस्ट जीतना बहुत बड़ी बात होती थी. ऐसे में भारत ने न सिर्फ एक, बल्कि दो बाहर की सीरीज जीत ली थी, जो कि किसी किवदंती से कम नहीं थी.
