यह भारतीय सोच में पाकिस्तान (Pakistan) के कम होते प्रभाव का संकेत है कि भारतीय मीडिया ने 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा (Ram Mandir Pran Pratishtha) पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय (Pakistan Foreign Ministry) और उस देश के मीडिया के बयानों को थोड़ी भी तरजीह नहीं दी.
विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष के फिजूल बयान पर तीन दिन बाद जवाब दिया और कहा, "यह पाकिस्तान का झूठ फैलाने और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार का नया हथकंडा है. पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद, संगठित अपराध और गैरकानूनी गतिविधियों का अड्डा रहा है."

