(ये आर्टिकल मणिशंकर अय्यर की किताब 'द राजीव आई न्यू एंड व्हाई ही वाज़ इंडियाज मोस्ट मिसअंडरस्टूड प्राइम मिनिस्टर'' का एक अंश है, जिसे जगरनॉट बुक्स ने प्रकाशित किया है.)
दिसंबर 1949 में, करीब पचास लोगों ने यूपी के अयोध्या में बाबरी मस्जिद में प्रवेश किया और परिसर में राम लला (शिशु राम) की एक मूर्ति रख दी. सांप्रदायिक तनाव के डर से यूपी सरकार ने मस्जिद के गेट पर ताला लगा दिया. इसके लगभग चालीस साल बाद, फरवरी 1986 में, फैजाबाद की एक डिस्ट्रिक्ट सेशन कोर्ट के आदेश से बाबरी मस्जिद का दरवाजा खोल दिया गया. यही उस विवाद की शुरुआत थी, जो 33 साल बाद 9 सितंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से शांत हुआ.

