भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) ने 23 सितंबर 2020 को जो ऑडिट रिपोर्ट पेश की है उसमें राफेल समझौते पर ये कहते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणियां की गई हैं कि फ्रांस की कंपनियों ने अपने ऑफसेट दायित्वों को पूरा नहीं किया है.
जाहिर है कि मीडिया में इसको लेकर कई तरह की खबरें चलीं जिसके कारण भ्रम की स्थिति बनी. मूल रूप से कहें तो भारतीय ऑफसेट स्कीम क्रियान्वयन की समस्या से जूझती रही हैं.

