प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने 28 मई को अपने दूसरे कार्यकाल के तीन साल पूरे होने पर कहा है कि "पिछले आठ वर्षों में मैंने राष्ट्र सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी है. न तो मैंने किसी ऐसे काम की अनुमति दी है, न ही व्यक्तिगत तौर पर ऐसा कोई कार्य किया है जिससे आपका या भारत के किसी एक भी व्यक्ति का सिर शर्म से झुक जाए."
व्यक्तिगत तौर भले ही मोदी ने कुछ न किया हो लेकिन उन्होंने निश्चित रूप से अपने कार्यकाल में चीजों की एक श्रृंखला को होने दिया है. अब यह एक महत्वपूर्ण बिंदु पर पहुंच गया है, जिसके कारण न केवल उनकी सरकार को बल्कि भारत को भी वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व अपमान देखने को मिला है. इसके अलावा देश सांप्रदायिक रूप से ज्वलनशील होता जा रहा है. भगवान न करे कि ऐसा हो लेकिन यह आग माचिस के छूने भर से भड़क सकती है.

