Project Cheetah: ठीक एक साल पहले मैं 900 किलोमीटर लंबी सड़क यात्रा पर निकली थी, स्टोरी तक पहुंचने की कोशिश करना, उस स्टोरी से भी अधिक मुश्किल लग रहा था. दूसरे हाई प्रोफाइल पार्कों से एकदम उलट, कुनो नेशनल पार्क भारत के सफारी मैप पर कहीं भी मौजूद नहीं है.
यहां ऐसा कोई रिसॉर्ट नहीं है, जहां आपका स्वागत खुशबूदार तौलिए के साथ किया जाए, या भूरे रंग की जिप्सी में आपके साथ आपका पर्सनल नेचरिस्ट हो, यानी किसी फैंसी सफारी का कोई आकर्षण यहां नहीं है. यहां एक प्राइवेट रिसॉर्ट है, जो कभी मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का हुआ करता था और तब वहां ग्वालियर के मनमौजी पहुंचते थे, जिनका मकसद पृथ्वी के सबसे तेज धावक से मिलने की बजाय स्विमिंग पूल में आनंद लेना होता था क्योंकि तब वहां सिर्फ यही सुविधा उपलब्ध थी.

