29 जनवरी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंचे राजस्थान के रणवीर सिंह के लिए महाकुंभ मेले में पवित्र स्नान किसी संघर्ष से कम नहीं था.
इसकी शुरुआत अपनी बूढ़ी मां, पत्नी उर्मिला और छह साल के बच्चे को बीकानेर से प्रयागराज लाने के लिए पर्याप्त धन जुटाने के लिए अपनी गाय को गिरवी रखने से हुई. मौके पर पहुंचने पर, उनका स्वागत लोगों की भारी भीड़ के साथ हुआ. कुछ पगड़ी पहने, कुछ बिना पगड़ी के, कई ‘घूंघट’ में. वह तुरंत भीड़ में समा गए, जिसने सामूहिक रूप से तय किया कि उन्हें कहां जाना है, और उन्हें साथ ले गए.
मौनी अमावस्या की आधी रात को जब वे स्नान स्थल पर पहुंचे तो वहां पहले से ही अव्यवस्था और भीड़भाड़ थी. धक्का-मुक्की कुछ देर के लिए रुकी, लेकिन दो घंटे बाद ही भोर होने पर फिर से शुरू हो गई.
"मुझे नहीं पता कि मैं अपनी मां को कैसे संभाल पाया. मेरी पत्नी और बेटा भीड़ में खो गए थे. मैं उन्हें पांच घंटे बाद ढूंढ पाया."रणवीर सिंह

