सुर्खियों से परे देखना एक दिलचस्प काम है.
जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली, यह दिखाने की उत्सुकता थी कि उनके पास कमान है, और जैसा कि एक हेडलाइन में लिखा था: मोदी ने अपनी शर्तों पर तीसरा कार्यकाल शुरू किया.
मेरी व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया थी: "ओह? सच में?"
आपको केवल यह देखने के लिए हेडलाइन के नीचे डिटेल देखना होगा कि इसकी शब्दावली मोदी 3.0 के तहत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार (NDA) के अर्थों के उलट हो सकती है. मैं यह जानने का इंतजार कर रहा हूं कि इसमें से कितना सैद्धांतिक समन्वय का मिश्रण होगा और इसका हिस्सा मांग करने वाले सहयोगियों के कितना दबाव और खींचतान के कारण होगा. आप इसे गठबंधन धर्म और गठबंधन ड्रामा का उभरता हुआ मिश्रण कह सकते हैं.

