Parliament Mass Suspensions: पिछले हफ्ते, भारत ने लोकसभा में तीन मूलभूत कानूनी सिद्धांतों को निर्विरोध रूप से बदलते हुए देखा, जिनके स्थान पर ऐसे वर्जन लाए गए, जो संभावित रूप से भारत के सामाजिक-कानूनी ढांचे को बदल सकते हैं. दिलचस्प बात यह है कि नए कानूनों पर बहस तब हुई, जब 143 सांसद सदनों से निलंबित रहे, जो भारत के संसदीय इतिहास में एक अभूतपूर्व संख्या थी.
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सांसदों का सामूहिक निलंबन: क्या 'विपक्ष मुक्त' संसद चल सकती है?
MP Mass Suspension: अनियंत्रित व्यवहार को दंड का आधार माना जा सकता है लेकिन व्यवधान के सूचकांक पर भी विचार किया जाना चाहिए.

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