ग़ज़ल को एक लोकप्रिय संगीत शैली बनाने में पंकज उधास (Pankaj Udhas) का योगदान क्या है? जब मैं इस सवाल पर विचार कर रहा था, तब मैंने देखा कि मेरे एक विद्वान मित्र ने मुझे सोशल मीडिया पर एक उर्दू शेर में टैग किया है. वो शेर था,
बहुत आज़ाद होती जा रही है
ग़ज़ल बरबाद होती जा रही है
इसे 1973 में जन्मे बिहार के शायर इमरान रकीम ने कहा था. यह बताता है कि जब-जब कोई रचनात्मक चीज एक नई ऊंचाई को छूती है, तो हमेशा कोई शुद्धतावादी अपनी निराशा जाहिर करता है और सोचता है कि चीजें वैसी ही होनी चाहिए जैसी पहले हुआ करती थीं.

