एक ओर पाकिस्तान पहले से ही अपने राजनीतिक तूफान का सामना कर रहा है वहीं दूसरी ओर आधिकारिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान में हाल ही में आई बड़ी बाढ़ में 1300 से अधिक लोग मारे गए हैं. बारिश और बाढ़ से 10 बिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है. पाकिस्तानी बाढ़ बुनियादी ढांचे की विफलता और खराब शासन का एक आदर्श परिणाम है.
अप्रैल, मई और जून में मासिक तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रहने की वजह से शुष्क हवाएं ऊपर की ओर उठीं, जिसके कारण हिंद महासागर से नमी से भरी हवा से एक विशाल वैक्यूम निकल गया, जिसके परिणामस्वरूप देश में बारिश का एक झरना गिर गया. जलवायु में होने वाली उथल-पुथल पूरी दुनिया पर कहर बरपा रही है, आज जो धरातल पर दिखाई दे रहा है, वह ग्लेशियरों के पिघलने से हुई मूसलाधार बारिश का प्रत्यक्ष परिणाम है.

