ADVERTISEMENTREMOVE AD
Members Only
lock close icon

लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ क्यों नहीं होने चाहिए, ये रहीं दलीलें

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के पक्ष में मुख्य रूप से चार तर्क दिए जा सकते हैं.

story-hero-img
i
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large

पूरे देश में हर पांच साल में एक ही बार में लोकसभा और तमाम विधानसभाओं के चुनाव करा लेने का विचार काफी समय से राजनीतिक हलके में है. यह विषय बौद्धिक बहसों में रहा है, लेकिन राजनीतिक दलों के स्तर पर यह कभी चर्चा में नहीं रहा. संसद में कभी इस पर चर्चा नहीं हुई और न ही इस बारे में किसी तरह के संवैधानिक और कानूनी बदलाव की अब तक कोई पहल हुई है.

अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बारे में राष्ट्रीय सहमति बनाने की बात की है. कोई भी दल या संस्था एक राष्ट्र, एक चुनाव के प्रस्ताव को हड़बड़ी में लागू करने की बात नहीं कर रहा है. लेकिन चूंकि यह बात चर्चा में आ चुकी है, इसलिए यह उचित समय है जब इस बारे में पक्ष और विपक्ष के सारे तर्कों को समझने की कोशिश की जाए.

Published: 
Become a Member to unlock
  • Access to all paywalled content on site
  • Ad-free experience across The Quint
  • Listen to paywalled content
  • Early previews of our Special Projects
×
×