भारत सरकार के लिए ये फैसला लेना इतना आसान नहीं था. लेकिन, सरकार की इस बात के लिए तारीफ की जानी चाहिए कि भारत ने चीन की अति महत्वाकांक्षी OBOR योजना से खुद को पूरी तरह बाहर ही रखा है.
कठिन फैसला इसलिए भी, क्योंकि भारत के 2 संवेदनशील पड़ोसी देशों पर OBOR के जरिए चीन का बढ़ता प्रभाव जल्दी ही दिखने लगेगा. वन बेल्ट वन रोड की इस योजना के जरिए चीन भले ही दुनिया के 60 देशों को जोड़ने का दावा कर रहा हो. लेकिन सच्चाई यही है कि इसके जरिए वो अपनी टूटती अर्थव्यवस्था को मजबूती से जोड़ने की कोशिश कर रहा है.
साथ ही चीन इसके जरिए कमजोर देशों को कर्ज देकर और सामरिक तौर पर निर्भर बनाकर उन्हें अपने उपनिवेश के तौर पर भी इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है. ये बात अब धीरे-धीरे ही सही लेकिन खुलकर सामने आ रही है.
Read Latest News and Breaking News at The Quint, browse for more from hindi and opinion
Topics: OBOR चीन नरेंद्र मोदी
Published:

