"पहले, जब वे (कांग्रेस) सत्ता में थे, उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है. इसका मतलब है कि वे इस संपत्ति को घुसपैठियों में बांट देंगे जिनके ज्यादा बच्चे होंगे. क्या आपकी मेहनत की कमाई घुसपैठियों को दे देनी चाहिए? क्या आप इससे सहमत हैं?"
ये बातें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार (21 अप्रैल) को एक चुनावी रैली के दौरान कहीं. बेशक, उन्होंने जानबूझकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के शब्दों को गलत तरीके से पेश किया लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने ऐसा करने के लिए कौन सा हिस्सा चुना.

