मतदाताओं ने भारतीय लोकतंत्र को वापस संभलने का मौका दे दिया है. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भले ही लगातार तीसरी बार एनडीए की सरकार बनी है लेकिन बीजेपी को लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) में अपने बूते बहुमत नहीं मिला है. ऐसे में पीएम मोदी अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अब उन सहयोगी पार्टियों पर निर्भर रहेंगे जिनके अगले कदम का कोई अंदाजा नहीं लगा सकता.
ADVERTISEMENTREMOVE AD
Members Only

BJP की चुनावी जीत लेकिन "मोदी नहीं तो कौन" वाली छवि टूट गई
देश में गठबंधन की सरकार अस्थिर जरूर होती है लेकिन वह संसद में ज्यादा विचारों को सुनने के लिए सरकार को मजबूर करती है.

i
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large
Become a Member to unlock
- Access to all paywalled content on site
- Ad-free experience across The Quint
- Listen to paywalled content
- Early previews of our Special Projects
×
×