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Sirf Ek Bandaa Kaafi Hai: आसाराम पर मनोज बाजपेयी के कोर्टरूम ड्रामा की कहानी

मनोज बाजपेयी की ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ एडवोकेट पीसी सोलंकी की असल जिंदगी की घटनाओं पर आधारित है.

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मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) की ताजा कोर्ट रूम ड्रामा ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ (Srif Ek Bandaa Kaafi Hai) का प्रीमियर Zee5 पर 23 मई को हुआ. साल 2013 के आसाराम बापू बलात्कार मामले की लड़ाई लड़ने वाले एडवोकेट पूनम चंद सोलंकी की असल जिंदगी की घटनाओं से प्रेरित, यह फिल्म ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही विवादों में घिर गई है.

यहां तक कि आसाराम के चैरिटेबल ट्रस्ट संत श्री आसारामजी आश्रम चैरिटेबल ट्रस्ट ने निर्माताओं को लीगल नोटिस भी भेजा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनकी फिल्म “बेहद आपत्तिजनक और मानहानिकारक” है.

लेकिन आसाराम बापू कौन है? फिल्म की प्रेरणा कुख्यात मुकदमे के पीछे की असल कहानी क्या थी? और इसमें पीसी सोलंकी की क्या भूमिका थी? इसका इतिहास क्या था?

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