(नोट: यह मौके से की गई रिपोर्टिंग की एक सिरीज का हिस्सा है जो मणिपुर में जारी लड़ाई (Manipur violence) से पैदा होने वाली मानवीय समस्याओं पर रौशनी डालती है. लड़ाई के सामाजिक-आर्थिक असर को समझने के अलावा इन रिपोर्टों में विविधता के उदाहरणों, लोगों की मदद के लिए स्थानीय नवाचारों और इन कोशिशों में सामुदायिक शांति बहाली के उदाहरणों की भी पड़ताल की गयी है. ह्यूमैनिटेरियनिज्म इनिशिएटिव मैपिंग (MHI) का काम सेंटर फॉर न्यू इकोनॉमिक्स स्टडीज (CNES) द्वारा चुमौकेदिमा में कार्यरत पीस सेंटर (PCN) नागालैंड के सहयोग से किया जा रहा है.)
आपदा या मानवीय राहत की जटिलताओं से वाफिक लोग जानते होंगे कि विस्थापित आबादी, खासतौर से राहत शिविरों में रहने वाले लोगों, को खाना और खाने से इतर दोनों तरह की चीजों की नियमित आपूर्ति पक्का करना जरूरी है.

