देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर (Manipur Violence) में 3 मई 2023 को भड़की हिंसा को एक साल हो गया है लेकिन प्रदेश में शांति अभी भी स्थापित नहीं पाई है क्योंकि अब तक इस संरचनात्मक हिंसा के स्रोत का पता नहीं चल पाया है.
इसे खत्म न करने की इच्छा और जिस तरह से इसे एक पक्षपातपूर्ण और बहुसंख्यकवादी सरकार ने जारी रखने की अनुमति दी है- इससे साफ है कि अरामबाई तेंगगोल (Arambai Tenggol) और प्रतिबंधित मैतेई सशस्त्र संगठनों जैसे सशस्त्र मिलिशिया को 'बफर जोन' से परे तलहटी में स्थित कुकी-जोमी-हमार गांवों को लगातार निशाना बनाने की खुली छूट दी जा रही है.
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Topics: Manipur violence Kuki Meiteis
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