पिछले महीने मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना, ‘मेक इन इंडिया’ के शुभारंभ को पांच वर्ष पूरे हो गए. जिम्मेदार नागरिकों के तौर पर हमारे लिए यह वक्त पीछे मुड़कर देखने और विचार करने का है कि इस “ऐतिहासिक” पहल का प्रदर्शन कैसा रहा? यह योजना एक बड़े आर्थिक परिवर्तन के वादे के साथ आई थी, लेकिन पिछली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में महज 0.6 फीसदी की वृद्धि दर से यह तो स्पष्ट है कि अब कम लोग ही भारत में वस्तुओं का निर्माण कर रहे हैं.
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Topics: Narendra Modi Demonetisation नरेंद्र मोदी
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