देश को कांग्रेस मुक्त करके हम कांग्रेस को खत्म करने की महात्मा गांधी की अंतिम इच्छा पूरी करेंगे.
बीजेपी के छोटे-बड़े नेताओं के ऐसे बयान अक्सर आते रहते हैं. कर्नाटक की चुनावी जंग में भी ये बात फिर से कही जा रही है. पिछले कुछ सालों में ये दावा इतनी बार दोहराया गया है कि लोग इसे सच मानने लगे हैं. लेकिन हकीकत इससे बिलकुल अलग है.
सच्चाई ये है कि महात्मा गांधी देश से कांग्रेस का नामोनिशान मिटाना नहीं, बल्कि आजादी के बाद की नई चुनौतियों से निपटने के लिए उसे पहले से ज्यादा मजबूत और असरदार बनाना चाहते थे.

