गौतम नवलखा, बीमार और वयोवृद्ध, शायद काल कोठरी की सलाखों के पीछे दम तोड़ देते. उनके वकीलों ने यह दलील दी थी कि उनकी दिनों-दिन गिरती सेहत को देखते हुए जेल में उनके दुरुस्त होने की उम्मीद बहुत कम है.
जुलाई 2021 में जब फादर स्टेन स्वामी ने आखिरी सांसें लीं, तब वह विचाराधीन कैदी थे. बीमार होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अगस्त 2022 को 33 वर्ष के अपराधी पांडु नरोटे को गंभीर बीमारी हो गई और वह जेल में इतना बीमार पड़ गया कि अस्पताल में भर्ती होने के कुछ समय बाद ही उसकी भी मौत हो गई.

