नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने हाल में आई अपनी किताब में लिखा है कि बेहतर आर्थिक नतीजों के लिए शासन बहुत जरूरी है. उन्होंने खास तौर पर न्यायपालिका पर जोर दिया जिसके फैसले कई बार विकास में बड़ी रुकावट बन जाते हैं.
उन्होंने पर्यावरण और विकास के बीच टकराव का जिक्र किया और बताया कि अदालतें कई बार अपने विवेक, यानि संतुलन की दरकार, को भी दरकिनार कर देती हैं.
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