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JNU छात्र संघ के नतीजों में देश की वामपंथ और दलित-बहुजन राजनीति के लिए सबक छिपा है

हाल के दिनों में भारत में दलित-बहुजन राजनीति और वामपंथी आंदोलन लगातार हाशिए पर रहे हैं.

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JNUSU Election 2024: भारत की राजनीति में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) एक अलग ओहदा रखता है. जेएनयू दिल्ली की सत्ता के सजावटी मुकुट में एक कांटे की तरह प्रतीत होता है क्योंकि यह कुर्सी पर बैठे लोगों को चुभता है और उन्हें उनके गलत कामों के लिए फटकारता है.

इसलिए, हिंदुत्व समर्थकों के लिए यूनिवर्सिटी कैंपस में वामपंथी राजनीतिक विचारधारा के वर्चस्व को खत्म करना और दक्षिणपंथी राजनीतिक प्रोग्राम को एक प्रमुख नैरेटिव के रूप में पेश करना जरूरी है. हालांकि हाल ही में पूरे हुए जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) के नतीजों ने दक्षिणपंथी राजनीतिक दल को सबसे ज्यादा हैरान किया है.

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