65 साल के बदरुद्दीन जमाल (बदला गया नाम) कई वर्षों से जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर की सरकारी दुकान से दोगुनी कीमत पर चावल खरीदते रहे हैं.
जब उनके दोनों बच्चे बड़े हुए तो स्कूल में उनकी भर्ती कराने में भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा. शहर के एक अस्पताल में उनकी बेटी का जन्म हुआ, लेकिन उन्हें उसका जन्म प्रमाण पत्र नहीं दिया गया. नगर निगम के अधिकारियों ने उन्हें लौटा दिया, क्योंकि कानून की नजर में वो ‘बाहरी’ थे.
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