जम्मू-कश्मीर में 25 महीने से लागू राज्यपाल शासन में नये उपराज्यपाल मनोज सिन्हा राजभवन में चौथे प्रशासक हैं. इससे पता चलता है कि सरकार सोची समझी रणनीति के बजाए भूल-सुधार के रास्ते पर चल रही है.
राज्यपाल जो इस दौर में मुख्य कार्यकारी भी रहे हैं, उन्हें इतना सक्षम होना चाहिए कि वे ठोस तरीके से और खास विजन के साथ सोच-समझकर योजनाओं को लागू कर दिखाते. लेकिन प्रशासन को इस तरह बांध दिया गया है कि वे बुनियादी नीतियों का खाका भी तैयार नहीं कर सकते.
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Topics: जम्मू-कश्मीर
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