जम्मू-कश्मीर में जिला और स्थानीय निकायों के चुनाव ने साफ तौर पर दर्शा दिया है कि 2015 में बीजेपी के साथ पीडीपी का गठबंधन रणनीतिक रूप से बड़ी गलती थी. यह गलती लगातार बड़ी होती चली जा रही है.गठबंधन में सबसे ज्यादा नुकसान पीडीपी को हुआ है. अगर इस गठबंधन ने असर दिखाया होता, तो दोनों पार्टियों का प्रभाव एक-दूसरे के इलाकों में बढ़ता और उनकी ताकत में बढ़ोतरी होती.
लेकिन ऐसा नहीं हुआ और पीडीपी के लिए यह तकरीबन मौत को गले लगाने जैसा रहा है जो जम्मू डिवीजन के 10 जिलों में फैले जिला विकास परिषद की 140 सीटों में से केवल एक सीट जीत पाने में सफल रही.
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Topics: जम्मू-कश्मीर पीडीपी मुफ्ती मोहम्मद सईद
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