इजरायल-फिलीस्तीन दोनों मानते हैं खुद को पीड़ित
करन थापर ने हिन्दुस्तान टाइम्स में लिखा है कि इजरायल और फिलीस्तीन दोनों ने पीड़ित होने की चादर ओढ़ ली है. यह सच है कि दोनों को आत्मरक्षा का अधिकार है. उनके विचार भी सही हैं. उन्हें लगता है कि दूसरे ने उनके साथ बहुत गंभीर रूप से गलत किया है. वे यह मानने को तैयार नहीं कि उनकी गलती दूसरे के बराबर है. यही कारण है कि वे एक-दूसरे को दुश्मन की तरह देख रहे हैं.
लेखक को लगता है कि दो समुदाय एक ही जमीन पर रहते हैं निस्संदेह एक-दूसरे से झगड़ते और संघर्ष करते हुए, लेकिन इनकी मौजूदगी दूसरी जमीन पर भी हैं. ऐसे ही खानों में बंटकर उनके मित्र और सहयोगी पीड़ित बनाए जा रहे हैं. पश्चिम के देश इजराइली विचारों को तरजीह देते हैं तो अरब और पश्चिम एशिया के मुस्लिम देश फिलीस्तीनी समझ के साथ हैं.

