क्या समाजवादी परिवार में सुलह हो गई है या ये आने वाले तूफान से पहले की शांति है? मौजूदा हालात को देखें, तो ये तूफान से पहले की शांति ही लग रही है. मुलायम सिंह यादव दोनों पक्षों में सुलह कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक सारे प्रयास फेल हो चुके हैं. जल्द ही दोनों पक्षों में एक नया शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल सकता है.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सीएम अखिलेश चाचा शिवपाल समेत चार अन्य बर्खास्त हुए मंत्रियों को वापस लेने को तैयार हो गए थे. लेकिन सीएम अखिलेश मंगलवार दोपहर को पार्टी प्रेस कॉन्फ्रेंस से गायब हो गए. इसमें उन्हें पार्टी चीफ मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल के साथ प्रेस को संबोधित करना था.
अखिलेश कैंप से अब तक इस बारे में कोई खबर नहीं है कि वे बर्खास्त मंत्रियों को वापस लेने पर विचार कर रहे हैं या नहीं. पार्टी चीफ मुलायम सिंह यादव ने मंगलवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के सीएम कैंडिडेट पर अपना पुराना बयान दिया कि चुनाव के बाद सीएम चुना जाएगा. मुलायम ने इस बयान से अखिलेश के प्रति अपने गुस्से को जाहिर किया है.
ऐसे में समाजवादी पार्टी के सामने ऐसे कई सवाल हैं, जिनका उत्तर अभी तक नहीं दिया गया है. सोमवार को पार्टी मीटिंग में गरमा-गरम बहस के बाद ऐसा कैसे संभव है कि अखिलेश शिवपाल समेत नारद राय, ओम प्रकाश और शादाब फातिमा को कैबिनेट में वापस ले लें. पार्टी सुप्रीमो के इस प्रस्ताव पर अब तक सीएम की तरफ से कोई सहमति बनती नजर नहीं आई है.

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