अगर आप ‘नवउदारवादी पूंजीवाद’ को कोरोनावायरस महामारी के लिए जिम्मेदार ठहराएं तो बहुत से लोग इसे रीट्विट करेंगे. जैसा कि एलिसा बतिस्टोनी ने बॉस्टन रिव्यू के अपने एक बेहतरीन आर्टिकल में लिखा है, इस महामारी को पूंजीवाद से अलग करके नहीं देखा जा सकता: इस वायरस के पैदा होने के बहुत से कारण हैं- शहरों के इर्द-गिर्द निर्धन बस्तियों का पनपना और उसके साथ होने वाला विकास, प्रकृति प्रदत्त खाद्य पदार्थों का जिंसीकरण, औद्योगिक खाद्य उत्पादन के बाद मनुष्य जाति का मनुष्येतर जातियों से संपर्क और मनुष्यों एवं वस्तुओं का विश्वव्यापी आवागमन.
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Topics: coronavirus india इकनाॅमी आर्थिक मंदी
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