कुछ समय से रूस (Russia) की चीन (China) के साथ बढ़ती नजदीकी पर भारत (India) के पर्यवेक्षक फिक्र जाहिर कर रहे हैं. खासतौर से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) की मास्को यात्रा के बाद, जहां उन्होंने मार्च के अंत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से मुलाकात की थी.
उदाहरण के लिए पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन ने हाल ही में राय जाहिर की थी कि चीन के मुकाबले रूस की कमजोर स्थिति, चीन को भारत के साथ रूस के जुड़ाव में रुकावट डालने का मौका देती है. वैसे इस तरह की संभावना जताने से पहले भारतीय नीति निर्माताओं को जरूर पता होगा कि यह मुद्दा जितना दिख रहा है, उससे कहीं ज्यादा जटिल है.

