युद्ध नहीं है क्रिकेट
करन थापर ने हिन्दुस्तान टाइम्स में भारतीय क्रिकेट टीम के व्यवहार पर लिखे अपने लेख में बड़े सवाल उठाए हैं. विशेषकर कोलंबो में पिछले रविवार पाकिस्तानी टीम से हाथ न मिलाने को केंद्रीय विषय बनाया है. वे लिखते हैं कि क्रिकेट सज्जन का खेल है, जिसमें विरोधियों से हाथ मिलाना खेल की भावना का अभिन्न हिस्सा है. विरोधी दुश्मन नहीं, केवल प्रतिद्वंद्वी होते हैं.
हाथ न मिलाना इस भावना का उल्लंघन है और खेल को मात्र शारीरिक गतिविधि में बदल देता है. यदि राजनीतिक तनाव इतना है कि हाथ नहीं मिला सकते, तो खेलना ही नहीं चाहिए था. लेकिन खेलने के बाद ऐसा करना देश को निराश करना है. यह असभ्यता राष्ट्रवाद की कमजोरी दिखाती है, न कि ताकत.

