सार्स-कोवि-2 (covid 19) बार-बार अचंभित कर रहा है. वैज्ञानिक और सरकारें हक्का बक्का हैं. वैज्ञानिक नहीं जानते कि वायरस आगे कैसा व्यवहार करेगा. वह म्यूटेट हो रहा है और कोई चेतावनी दिए बिना वेरिएंट्स प्रोड्यूस कर रहा है. सरकारें फिर-फिर दुविधा की शिकार हैं- सामाजिक पाबंदियां, जैसे कड़े लॉकडाउन लगा रही हैं ताकि वायरस की रफ्तार को धीमा किया जा सके. महामारी की टेढ़ी रेखा को समतल करना है ताकि जिंदगियां दांव पर न लगें- अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान न हो.
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Topics: Omicron
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