ऐसा शायद ही कभी हुआ हो कि किसी राजदूत की नियुक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला बन जाए, लेकिन सीनेट द्वारा भारत में अमेरिकी राजदूत के पद पर एरिक गार्सेटी (Eric Garcetti) की नियुक्ति को मंजूरी देने में यही हुआ.
आरोपों और तकरीबन दो साल चली उलझाऊ प्रक्रिया के बाद सीनेटरों ने बहुमत से, जिनमें कुछ रिपब्लिकन भी शामिल थे, गार्सेटी के पक्ष में वोट दिया क्योंकि उन्हें नई दिल्ली में राजदूत नियुक्त करना ज्यादा जरूरी था. उन पर आरोप है कि लॉस एंजिल्स का मेयर (Mayor of Los Angeles) रहते हुए अपने ही चीफ ऑफ स्टाफ द्वारा अपने ऑफिस में कथित तौर पर किए जा रहे यौन उत्पीड़न (sexual harassment) को रोकने में नाकाम रहे थे.

