देश में ऐसे लोगों की तादाद कम नहीं, जो अर्से से ये मानते आए हैं कि आतंकवाद को लेकर भारत जानबूझकर पाकिस्तान के प्रति नरमी दिखाता रहा है. साथ ही भारत में हिंसक घटनाएं होने पर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए.
यहां तक कि पाकिस्तानी आतंकवादियों के इन घटनाओं में शामिल होने के पुख्ता सबूत होने बावजूद, मसलन मुंबई हमले के बाद खुद पाकिस्तान सरकार ने ये माना कि उनके देश के आतंकवादी संगठनों का इसमें हाथ है, भारत ने बदले की कोई कार्रवाई नहीं की. ऐसा न करके देश के हुक्मरानों ने भारी भूल की है. देश में ऐसे तमाम लोग हैं, जो मानते हैं कि सीमा पार बैठे इन आतंकवादियों के खिलाफ पाकिस्तान ने कभी कड़ी कार्रवाई नहीं की.
ये लोग मानते हैं कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान के खिलाफ जानबूझकर कार्रवाई नहीं करना भारत के कायराना रुख को दिखाता है, जबकि बदले की कार्रवाई करने का रास्ता हमेशा खुला रहा है.

