भारत-चीन के बीच सीमा विवाद के बढ़ने के साथ सरकार ने आपातकालीन सैन्य खरीद को मंजूरी दे दी है. इसके मद्देनजर यह सवाल उठता है कि अगर भारतीय वायु सेना युद्ध के लिए तैयार है, जैसा कि चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (सीएएस) ने दावा किया है, तो आकस्मिक खरीद का विकल्प क्यों चुना गया है?
सरकार ने हाल ही में सशस्त्र सेनाओं को यह अधिकार दिया है कि वे सैन्य उपकरणों की आपातकालीन खरीद के प्रस्ताव रख सकती हैं. ताकि हालिया सीमा विवाद के कारण उत्पन्न होने वाली सभी स्थितियों के लिए तैयार रहा जा सके. अभी पिछले ही हफ्ते इस सीमा संघर्ष के कारण 20 भारतीय सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी.

