दुबई में कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (COP28) की 28वीं बैठक में किसानों जैसे समाज के कमजोर वर्गों को जलवायु परिवर्तन के नुकसानदायक नतीजों से बचाने के लिए अनुकूलन और लचीलेपन वाले गतिविधियों को बढ़ाने और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया. जलवायु परिवर्तन के असर से बढ़ते ग्रामीण प्रवासन (माइग्रेशन) और ग्रामीण इलाकों में घटते स्थानीय उत्पादन ने भारतीय अर्थव्यवस्था को साफ तौर से प्रभावित किया है, जो बुनियादी रूप से कृषि प्रधान और आमतौर पर वर्षा आधारित है.
ADVERTISEMENTREMOVE AD
Members Only

जलवायु परिवर्तन और भारत के अंदर बदलता ग्रामीण माइग्रेशन- यह पैटर्न क्या कहता है?
भारत में जलवायु परिवर्तन के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील 50 जिलों में से 14 बिहार में स्थित हैं.

i
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large
Become a Member to unlock
- Access to all paywalled content on site
- Ad-free experience across The Quint
- Listen to paywalled content
- Early previews of our Special Projects
×
×