भारत को एससीओ शिखर सम्मेलन का इस्तेमाल इसके सिद्धांतों के साथ काम करने की मूल प्रतिबद्धता को बहाल करने में करना चाहिए.
शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) का वर्चुअल समिट भारत में हो रहा है, जिसमें चीन के प्रीमियर ली केकियांग भी शामिल हो रहे हैं. हैरानी की बात है कि इसमें शामिल होने के तीन साल के अंदर ही, भारत संस्था के सदस्य देशों के बेहतर समन्वय से काम करने की मांग कर रहा है इसके बावजूद कि केंद्र की सरकार एससीओ के चिर प्रतिद्वंद्वी अमेरिका से रणनीतिक करीबी बढ़ा रही है. भारत ने एससीओ की कई वार्षिक गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया सिर्फ इस साल के सैन्य अभ्यास “कावकाज 2020” को छोड़कर जिसके लिए महामारी से संबंधित कारणों का हवाला दिया गया.

