मार्च 2024 में, दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा को लगभग एक दशक सलाखों के पीछे बिताने के बाद नागपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया. सात महीने बाद, 12 अक्टूबर, शनिवार को, 57 वर्षीय साईबाबा का पथरी की सर्जरी के बाद स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण हैदराबाद के एनआईएमएस हॉस्पिटल में निधन हो गया.
मैं समझती हूं कि हम सभी स्टारडस्ट हैं. यानी सितारों की धूल. हम अपने ब्रह्मांड के जमे हुए और आत्म-जागरूक टुकड़े हैं, जो युगों तक स्वतंत्र रूप से घूमते हुए, पृथ्वी की ओर चले आए और आखिरकार, धीरे-धीरे पृथ्वी ने अपने गुरुत्वाकर्षण में हमें खींचा. इस तरह हमने नश्वर प्राणियों में अपना रूप और घर पाया. आज, आप सितारों में लौट गए हैं. शायद आप अपने आशियाने में हो. स्टारडस्ट से स्टारडस्ट तक का सफर.

