नोएडा में रहने वाले मेरे एक दोस्त विनयशील के दो बेटे हैं. बड़े बेटे का स्कूल गाजियाबाद में है, लेकिन छोटे का नोएडा में. रविवार शाम जैसे ही गाजियाबाद वाले स्कूल से 12 जनवरी तक स्कूल बंद रहने का एसएमएस आया, मित्र के घर में कोहराम मच गया. छोटा बेटा चीख-चीखकर सवाल कर रहा था कि भैया स्कूल नहीं जाएगा तो वो क्यों जाए? भैया का स्कूल बंद है तो उसका स्कूल क्यों नहीं? गाजियाबाद में ठंड पड़ रही हो और नोएडा में नहीं, ये कैसे हो सकता है? रो-चीखकर छोटे बेटे ने पूरा घर सिर पर उठा लिया.
आखिरकार, उसे दिलासा दिया गया कि जब तक भैया स्कूल नहीं जाएगा, तब तक तुम भी स्कूल नहीं जाओगे. तब कहीं जाकर घर में शांति और अमन-चैन का राज स्थापित हो सका.
