दिल्ली के शाहीन बाग में महिलाओं के बेमिसाल धरने का दूसरा महीना शुरू होने जा रहा है. दरअसल ये धरना कई कारणों से बेमिसाल है – अब तक हमें अक्सर हेडलाइन देखने को मिलती थी, “महिलाओं ने ‘भी’ भारी संख्या में शिरकत की”; लेकिन इस धरने में महिला ही अगुवा हैं.
दूसरी अहम बात है कि पहचान को तरसती सियासत के इस दौर में ये आन्दोलन किसी धर्म या जाति विशेष पर आधारित नहीं है, बल्कि भारतीय नागरिकता पर प्रहार के खिलाफ है. तीसरी बात, कि ये आन्दोलन देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

