पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (Personal Data Protection) पर ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी ने सोमवार 22 नवंबर को अपनी रिपोर्ट को अपनाया, जिस पर वो 2019 से विचार-विमर्श कर रही थी, लेकिन कमेटी ने इसके कुछ अत्यधिक विवादित हिस्सों को बनाए रखा.
ये रिपोर्ट सरकार को अनलिमिटेड और व्यापक अधिकार प्रदान करती है.
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा सहित मैं और पैनल के 30 सदस्यों में से सात ने विधेयक में निहित प्रावधानों की अधिक प्रकृति के लिए औपचारिक असहमति व्यक्त की.

