हम दलितों के संघर्ष, उनके हक की लड़ाई के बारे में बचपन से सुनते आ रहे हैं. प्राचीन भारत में कर्ण से लेकर भारत को रचने वाले डॉ. बी.आर. अंबेडकर तक, दलितों के सामाजिक कायाकल्प की जंग कोई नई बात नहीं है. दलितों की दयनीय स्थिति को समझने के लिए किसी सैद्धांतिक बहसबाजी की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि देश की रोजमर्रा की घटनाओं से यह एकदम साफ नजर आता है.
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दलित हिंदुओं से अच्छी नहीं है, दलित मुसलमानों की हालत, उन्हें भी मिले आरक्षण
Dalit Muslims: जब हम दलितों की बात करते हैं तो अक्सर मुस्लिम दलितों को नजरअंदाज कर देते हैं

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