भारत में एक लॉ कमीशन यानी कानून आयोग है, यह कानून के जटिल मुद्दों पर सरकार को सलाह देता है और समाज पर प्रभाव डालने वाले कानूनी मुद्दों पर सरकार को आगे विचार करने में मदद करता है. 2020 में 22वें लॉ कमीशन को अधिसूचित किया गया था, इसका तीन साल का कार्यकाल समाप्ति की ओर है. लेकिन सही मायने में देखें तो इस आयोग का अस्तित्व ही नहीं है, इसलिए इसे समाप्त करना कठिन होगा. 22वें कानून आयोग में कभी कोई अध्यक्ष, कोई सदस्य या पार्ट-टाइम सदस्य नहीं रहा. यह दर्शाता है कि भारत में संस्थानों कैसे खोखला किया जा रहा है. ये संस्थाएं सरकार पर निगरानी रखती हैं ताकि वो राजशाही या सल्तनत की तरह काम न करने लग जाए.
ADVERTISEMENTREMOVE AD
Members Only

CVC, ED से लोकपाल तक, लापता होती संस्थाएं: धीमी मौत मर रहा है लोकतंत्र?-8 उदाहरण
भारत की संस्थाओं को खोखला कर दिया गया है या वे खतरनाक रूप से केंद्रीकरण की ओर बढ़ रही हैं.

i
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large
Become a Member to unlock
- Access to all paywalled content on site
- Ad-free experience across The Quint
- Listen to paywalled content
- Early previews of our Special Projects
×
×