पिछले हफ्ते प्रकाशित एक महत्वपूर्ण डेटा बिंदु पर ध्यान देने की जरूरत है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के डेटा में हमारी दुनिया पर मैक्स रोजर का ब्लॉग दुनिया को याद दिलाता है कि दुनिया का अधिकांश हिस्सा गरीब है, लेकिन भारत के लिए, यह विशेष रूप से संकट की भयावहता को रेखांकित करता है - "99.5% भारतीय एक दिन में $30 से कम खर्च करते हैं".
लेकिन जब चुनाव आयोग (EC) सूचित करता है, तो जो पांच राज्यों के चुनावों होने वाले सभी चुनावों के लिए चुनावी खर्च की सीमा अधिकतम 70 लाख थी उसको बढ़ाकर 95 लाख किया गया है, इसके अलावा जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह सीमा 54 लाख थी उसे बढ़ाकर 75 लाख कर दिया गया है. विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनावी खर्च की सीमा मौजूदा 20 लाख से बढ़ाकर 28 लाख और 28 लाख से बढ़ाकर 40 लाख कर दी है जो कि खतरे की घंटी की तरह है और एक तरह का विरोधाभास है.

