चुनाव आयोग (Election Comission) ने अभी इसी हफ्ते बताया कि पांच राज्यों में चुनावों (Assembly Election) के लिए चल रहे प्रचार अभियान में मुफ्त की चीजें बांटने में सात गुना बढ़ोत्तरी हुई है.
बीते अगस्त महीने में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ जस्टिस ने कहा था कि मतदाताओं को मुफ्त की चीजों से लुभाने के लिए करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल एक “गंभीर आर्थिक मुद्दा” है. इसके समाधान के लिए उन्होंने एक शीर्ष संस्था बनाने का सुझाव दिया जिसमें RBI (भारतीय रिजर्व बैंक), नीति आयोग, वित्त आयोग, चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ व विपक्षी, दोनों दल शामिल हों.

