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85वां राष्ट्रीय अधिवेशन गवाह है कि दलितों को नेतृत्व का मौका कांग्रेस ही देती है

Congress National Convention: सवर्ण मानसिकता वाले मान नहीं सकते कि दलित-आदिवासी भी उतने ही काबिल हैं, जितने अन्य

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कांग्रेस का 85वां राष्ट्रीय अधिवेशन (Congress National Convention) 24 से 26 फरवरी को हुआ. जितने अधिक और दूरगामी संशोधन इसमें हुए उतना शायद कभी भी हुआ हो. क्या बताने की जरूरत है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ही अध्यक्ष हैं? इन्हीं की अध्यक्षता में यह सब कुछ हुआ और मोदी जी गांधी परिवार का रिमोट कंट्रोल कहते हैं? शायद उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि कोई दलित इतना प्रभावशाली और सक्षम कांग्रेस में कैसे हो सकता है? जो सवर्ण मानसिकता से ग्रसित हैं वो कैसे सोच सकते हैं कि दलित-आदिवासी भी उतने ही काबिल हैं जितना अन्य, अगर अवसर मिले तो.

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