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कोयला छोड़ PNG अपनाना आसान नहीं,लेकिन जनता पर जहरीले असर का हर्जाना कौन देगा?

Muzaffarnagar के पेपर मीलों से निकलती जहरीली हवा,यहां के निवासियों को इसके बदले कितने करोड़ों का हर्जाना मिलना चाहिए?

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भारत के पेपर रीसाइक्लिंग मिलों में लगभग 14 मिलियन टन रद्दी कागज का उपयोग किया जाता है, जिसमें से लगभग 70 प्रतिशत भारत में दूसरे देशों से आयात किया जाता है. भारत को रद्दी कागज का सबसे बड़ा आयात कनाडा और अमेरिका (USA) से होता है. कानूनी मानदंड के अनुसार इन रद्दी कागज में 2 प्रतिशत तक 'मिलावट/कंटेमिनेशन' की अनुमति होती है, लेकिन रिपोर्ट में पाया गया है कि बाहर देशों से आयात होने वाले इन रद्दी कागजों में मिलावट की मात्रा इसके लगभग 3 गुना है.

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