ड्रैगन ने पहले से त्रस्त दुनिया में कदम रख दिया है. ऐसा लगता है कि चीन (China) के हालात विश्व अर्थव्यवस्था को बहुत बुरा झटका देंगे. जैसे चीनी मिट्टी की दुकान में किसी पगलाए सांड का घुस जाना. ऐसी स्थिति में नुकसान कितना बड़ा होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है.
पिछले साल से ये खबरें हैं कि सप्लाई में रुकावटें हैं और रियल एस्टेट डेवलपर्स डीफॉल्ट कर रहे हैं लेकिन दुनिया ने उन खबरों पर ध्यान नहीं दिया. वह रूस-यूक्रेन युद्ध और विश्वव्यापी मुद्रास्फीति में उलझी हुई है. इकोनॉमिस्ट्स और फंड मैनेजर्स अब तक अमेरिका और यूरोप में मंदी और छोटे देशों के ऋण संकट से परेशान हैं. लेकिन चीन एक जोरदार धक्का दे सकता है. वहां कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है और मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं.

