मोदी 3.0 का पहला पूर्ण केंद्रीय बजट (Budget 2024) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार, 23 जुलाई को पेश किया. अब ये देखना जरूरी है कि सरकार ने अपने बजट में महंगाई, बढ़ते कर्ज और रोजगार सृजन को लेकर क्या कदम उठाए हैं?
आर्थिक सर्वेक्षण में भारत की अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति की ईमानदार समीक्षा करने के बाद पेश हुए बजट से पता चलता है कि बजट में कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियों से निपटने के लिए चीजें शामिल की गईं हैं. बजट से संकेत मिलता है कि इसमें किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं को अधिक प्राथमिकता दी गई है जिसमें रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, एमएसएमई, और मध्यम वर्ग पर ध्यान केंद्रित है.
अब पिछले 10 सालों में इस पर इतना फोकस नहीं किया गया और अब जब इन मुद्दों पर ध्यान दिया जा रहा है तो ऐसे में ये पर्याप्त नहीं होगा. ऐसा लगता है कि जो कदम अब उठाए गए हैं वे प्रतीकात्मक ज्यादा हैं.

