कोविड 19 के बाद भारत में होने वाले पहले चुनाव के लिए बिहार में तैयारियां चल रही हैं, ऐसे में नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस में शामिल दो प्रमुख पार्टियां भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड जो कह रही हैं और जो नहीं कहा गया है उसे समझने के लिए इतिहास के कुछ हिस्से उपयोगी साधन साबित होंगे.
यहां हम एक ऐसे दौर की बात बताएंगे जिसे लोग करीब-करीब भूल चुके हैं, ये इस बात का संकेत देंगी कि क्यों बीजेपी और जेडीयू के बीच समझौते को अंतिम समय पर ही अंतिम रूप दिया गया और वो भी बीजेपी के ये वादा करने के लिए मजबूर होने के बाद कि समझौता अटूट है. इसके बाद ही ये पक्का हुआ कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समझौते के लिए तैयार हैं.

